Thursday, July 23, 2015

अहसास


  
    कल से बेटे एक दोस्त आया हुआ है रहने ओर वो उसमे बहुत मस्त है ,मुझे कुछ अजीब सा लगा ,मन ही मन हैरान थी कि जो बेटा मेरे बिना पानी तक नही पीता था वो एकदम से कैसे बदल गया कैसे , कुछ समझ नही आया उसके बदलाव का कारण, चुप चाप अपने कमरे में जा कर रो पड़ी ,तभी अचानक बेटा आ गया मुझे गले से लगाया ओर पानी पिलाया ,फिर बहुत प्यारसे समझाने लगा की मम्मी देखो वो कल चला जायेगा ,फिर तो मै आप के साथ ही हूँ न ,लेकिन तब भी मेरे आंसू नहीं रुके ,तो जानते हैं उसने क्या किया ,उसने मुझे मेरा कम्पुटर चला कर दिया ओर कहने लगा चलो अपने दिल की बाते लिखो ,ओर मुझे प्यार से समझा कर दोस्त के पास चला गया 
मै हैरान सी उसकी ओर देखती रह गयी किये इतना बड़ा कब हो गया ,इसे तो मै बहलाती थी ओर ये आज प्यार से मुझे बहला गया 
उस के अनकहे प्यार का एहसास अंदर तक मन को भिगो गया
रमा शर्मा

4 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, संघर्ष ही सफलता का सोपान है - ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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