Friday, November 11, 2016

समय




जिसने समय की बात मानी

समय ने उसकी कब कद्र जानी

कचरा कर कचरे में डाला उसे

वोही बचा जिसने समय की बात मानी

रावण हो या कंस

राख हुये सब के अभिमान

कहे कृष्ण या कहे राम

बच सके कभी किसी का अभीमान.......रमा

Monday, August 29, 2016

औरत और फुलझड़ी



औरत की जिंदगी
एक फुलझड़ी बस
दो घड़ी की खुशी नहीं
जला कर स्वंय को
कर जाती है खुश सभी को
अपने लिये कहाँ सोचती
जब सोचती सबका सोचती
खुद जलती पर 
कर जाती खुश सभी के