Monday, March 9, 2015

मिस यू डैडी




   काश फिर से बचपन लौट आये
मैं डैडी से ज़िद करू
कभी मम्मी मुझे मनाये
कभी डैडी मुझे मनाये
छोटा भाई खूब सताये
कोई गम न हो जीवन में
बस रात को होमवर्क के सपने
बार बार आ कर डरायें
फिर से वो ही अठखेलियाँ हों
संग बहुत सी सहेलियाँ हों
लेकिन डैडी को आते देख दूर से ही
सब कहीं न कहीं छिप जायें
पकड़े जाने पर 
वो ही पैर से ज़मीन को कुरेदना हो
कुछ घुड़की हो डैडी की
फिर मम्मी का दुलार हो
भाई सताये खूब और करे झगड़ा
कि डैडी किस के हैं
सदा की तरह मैं ही जीत जाऊं
च़ढ़ डैडी की गोद में
मंद मंद मुस्काऊं
भाई दौड़ कर मम्मी के गले लग जाये
काश वो बचपन फिर से लौट आये..........रमा
MY DADDY ..MY HERO....HAPPY BIRTHDAY DADDY....MISS YOU LOT .....

4 comments:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 12-03-2015 को चर्चा मंच पर चर्चा - 1915 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

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    Replies
    1. हार्दिक आभार दिलबाग जी

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    2. बेहद भावपूर्ण रचना

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    3. हार्दिक आभार विम्मी जी

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