Sunday, July 13, 2014

जीवन चलता है

जीवन चलता है
समय बदलता है
जीवन को बदलता है
जीवन फिर भी चलता है
रूकती घड़ियाँ हैं
समय नहीं रुकता
मरता इंसान है
जीवन फिर भी चलता है
समय समझाता है
जीवन नासमझ है
ठोकर इंसान खाता है
जीवन फिर भी चलता है
ऋतुएं बदलती हैं
रिश्ते बदल जाते हैं
जीवन फिर भी चलता है
रुकना मौत है
मौत इंसान को आती है
समय को नहीं
जीवन को नहीं
समय फिर भी चलता
जीवन फिर भी चलता है

5 comments:

  1. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (18.07.2014) को "सावन आया धूल उड़ाता " (चर्चा अंक-1678)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है, धन्यबाद।

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