Thursday, November 21, 2013

कुछ पल

पल


कुछ पलों का हिसाब था

कुछ पलों की बात थी

कुछ पलों में ही बीत गयी

जिंदगी की बात थी

कुछ पलों को सहेजा था

कुछ पलों को ही भेजा था

कुछ पलों में ही लौट आये

जिंदगी के खाव्बो को जो भेजा था

 

6 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति..
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आप की इस प्रविष्टि की चर्चा शनिवार 23 /11/2013 को मेरा ये जीवन और नौ ग्रह ... ...( हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल : 049 )
    - पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया पधारें, सादर ....

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    1. आभार उपासना सखी

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  2. आपकी बातें दिल को छू लेतीं हैं ......

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    1. हार्दिक आभार रीता जी

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  3. सुन्दर प्रस्तुति

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