Tuesday, December 15, 2015

अंतिम इच्छा



   रोना नहीं है
पर मुस्कुराना भी नहीं
खुशियाँ बाँट देनी हैं सब
पर खाली हाथ उपर जाना भी नहीं है
और नहीं कुछ तो
प्यार ही बटोर कर ले जाना है

4 comments:

  1. सच प्रेम ही बचा रहता है इस नश्वर जहाँ में। .
    बहुत सुन्दर

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  2. Replies
    1. हार्दिक आभार आशा जी

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