Thursday, September 17, 2015

गणपति बप्पा



        मेरे गणपति पधारो मेरे घर

   


   विषय- गणपति

पधारो मेरे घर
मेरे बप्पा
अंखियों ने तका राह
पूरा एक साल
दूर करो विघ्न सब
हरो सब दुख
तुमसे आस लगाये बैठी
मेरी दो अखियाँ
पधारो मेरे गणपति
सूना घर आंगन मेरा
कर दो खुशियों भरा
साल भर सहती हूँ सब
बस इस एक दिन ही
कहती हूँ तुमसे सब
करो खुशहाल 
हरो सब विघ्न
रोम रोम पुकारे तुम्हे
आ जाओ मेरे घर
मेरे बप्पा
मेरी अंखियाँ तके रस्ता
मिटा जाओ सब विघ्न
हरो सब दुख 
मेरे विघ्नहर्ता.......रमा

6 comments:

  1. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (18.09.2015) को "सत्य वचन के प्रभाव "(चर्चा अंक-2102) पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ, सादर...!

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  2. पुकार सुनने ही तो पधारे हैं!

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