Tuesday, July 24, 2012

आँखे

आँखें

आँखें रोती हैं तो सब देख लेते हैं

दिल का रोना कौन सुनता है आज कल

मतलब की दुनिया है सारी

आंसू भी छुपा लो आँखों में

किसी ने इनका दर्द पड़ लिया तो

मुफ्त में बदनाम हो जाएँगी आँखे 

6 comments:

  1. SUNDER BHAW LIYE BAHOOT HI KHOOBSURAT PANKTIYAN.

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  2. लेकिन दिल की बात ,अपने तो समझ ही जाते हैं सखी .........बहुत सुन्दर लिखा आपने

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    1. धन्यवाद उपासना सखी

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  3. बड़ी सुन्दरता से बांधा है भावों को कविता में!
    सादर!

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    1. हार्दिक आभार संजय जी

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