Saturday, May 19, 2012

बहुत अरमान था

बहुत अरमान था काश
तुम हमारे होते
बहुत अरमान था
तुम्हारे सारे दर्द हमारे होते
बहुत अरमान था
हमारी सब खुशियाँ तुम्हारी होती
बहुत अरमान था
हमारे सब सपने एक होते
बहुत अरमान था
तुम भी हमारे संग मुस्कुराए होते
बहुत अरमान था
तुमने भी दो आंसू हमारे कंधे पर बहाए होते
बहुत अरमान था
मेरी जिंदगी सिर्फ तुम्हारी होती
बहुत अरमान था
जिंदगी की हर खुशी तुम्हारे संग होती
बहुत अरमान था
सारे गम हमने आपस में बांटे होते
बहुत अरमान था
वो हमारे सपने सच हुए होते
बहुत अरमान था
चाँद पर अपना घर होता
बहुत अरमान था
तुम्हारे घर से मेरी अर्थी निकलती
बहुत अरमान था
तुम्हारे कदमो में दम निकलता मेरा
बहुत अरमान था
तुम्हारी चाहत मरते हुए नसीब हो जाती
लेकिन अरमान बस अरमान बन कर रह गए
बहुत अरमान था काश
ये सब अरमान पूरे हुए होते

10 comments:

  1. जीवन तो चाहत रमा ढोते हर इंसान
    सुमन ह्रदय की कामना पूरे हों अरमान
    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    http://www.manoramsuman.blogspot.com

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    1. हार्दिक धन्यवाद श्यामल जी ...

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  2. लेकिन अरमान बस अरमान बन कर रह गए
    बहुत अरमान था काश
    ये सब अरमान पूरे हुए होते
    Sunder rachna ...aap bahut aachha likhti hai ramaajay ji

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    1. हार्दिक धन्यवाद मंजुल सखी ....

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  3. armaan hamesha pure hi hoten hai .......kabhi-kabhi thoda sa samy jarur lag jata hain.......

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    1. धन्यवाद उपासना सखी ............................

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  4. har armaan ho pura tera....
    yahi ek armaan hai mera...

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    1. बहुत सुंदर और प्यारा संदेस गौरिका .....धन्यवाद

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  5. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति..आभार
    पहली बार आपको पढ़ा भविष्य में भी पढना चाहता हूँ
    आपका फोल्लोवेर्स बन रहा हूँ

    संजय भास्कर
    http://sanjaybhaskar.blogspot.in

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    1. हार्दिक आभार संजय जी

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